श्री दीपक सबलोक

निदेशक (परियोजना)

दीपक सबलोक भारतीय रेल इंजीनियर्स सेवा (आईआरएसई) के 1982 बैच के आधिकारी हैं। इन्होंने राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), भोपाल से सिविल इंजीनियरिंग में स्‍नातक की डिग्री (स्‍वर्ण पदक) प्राप्त किया है। इन्‍होंने उत्‍तरी रेल, उत्‍तर मध्‍य रेल, उत्‍तर पश्‍चिम रेल तथा दक्षिण पूर्व रेल में अनेक क्षमताओं पर अनेक पदों पर कार्य किया है। 29 वर्ष से अधिक के अपने कैरियर में इन्‍होंने प्रतिष्ठित रेल डिब्‍बा कारखाना, कपूरथाला के निर्माण चरण में कार्य किया, दक्षिण पूर्व रेल में मुख्‍य इंजीनियर रेलपथ मशीन सहित महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया है।
इन्‍होंने पांच वर्ष से अधिक की अवधि के लिए उत्‍तर मध्‍य रेलवे के इलाहबाद प्रभाग में सिविल इंजीनियरिंग परिसंपत्तियों के अनुरक्षण और विभिन्‍न प्रभागीय गतिविधियों के समन्‍वय के प्रभारी के रूप में कार्य किया। इन्‍होंने पुल पुनर्वासन तकनीक पर तकनीकी पत्रों का प्रकाशन किया है। इन्‍होंने इरकॉन में प्रतिनियुक्ति आधार पर महाप्रबंधक/व्‍यवसाय विकास और महाप्रबंधक/कार्य के पदों पर कार्य किया है।
दिनांक 16.04.2010 को निदेशक (परियोजना) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के पश्‍चात, वे रेलवे, राजमार्ग तथा इलैक्ट्रिकल परियोजनाओं के नियोजन, अभिकल्‍पन, निर्माण और कमिशनिंग के लिए उत्‍तरदायी हैं। वर्तमान में निष्‍पादित हो रही कुछ महत्‍वपूर्ण परियोजनाएं हैं – यूएसबीआरएल परियोजना, ओउड स्‍लाइ तथा येल्‍लल रेलपथ दोहरीकरण परियोजना, अल्‍जीरिया (93 किमी), दक्षिण अफ्रीका में सिग्‍नलिंग और इलैक्ट्रिकल परियोजना, छत्‍तीसगढ और ओडीशा राज्‍यों में कोयला संपर्कता परियोजनाएं, रायबरेली आधुनिक रेल डिब्‍बा कारखाना, राजस्‍थान में सड़क उपरिपुल, शिवोक-रंगपो नई रेल लाइन परियोजना, नेपाल में 2 रेल संपर्कता परियोजनाएं यथा जोगबनी-बीरतनगर नई बीजी रेल लाइन परियोजना तथा जयनगर-बीजलपुरा-बारबीडोस नई रेल लाइन परियोजना। वे एसपीवी यथा र्आएसटीपीएल, आईपीबीटीएल तथा आईएसजीटीएल में अंशकालीन अध्‍यक्ष भी हैं।

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